商品簡介
"सूफी इश्क़" आत्मा की उस सूक्ष्म यात्रा की कविता है, जहाँ प्रेम की शुरुआत खुद को स्वीकारने से होती है। जब कोई अपने भीतर झाँकना शुरू करता है, तब वह धीरे-धीरे उस दिव्यता से जुड़ता है जो हमेशा वहीं छिपी रही। यह संग्रह आत्मप्रेम को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में प्रस्तुत करता है जहाँ हर पंक्ति आत्मा की तन्हाई में जलता हुआ चिराग़।आत्म-जागरूकता के क्षणों में जब चित्त स्थिर होता है, तब आत्म-साक्षात्कार की झलक मिलती है।यही आत्मा का पहला इश्क़ है शुद्ध, शांत और बेहद गहरा। स्वयं का पूर्ण समर्पण, ईश्वर के साथ एक होने की स्थिति,व्यक्तिगत इच्छा का ईश्वर की इच्छा में विलय हो जाना, अपने जीवनसाथी के साथ रूहानी इश्क को हृदय की गहराईयों से बड़ी शिद्दत से महसूस करना, यही मेरी कविताओं में प्रस्तुत किया गया है।